वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी एक बार फिर शिवभक्ति के रस में सराबोर हो उठी, जब नाटी इमली स्थित रुद्रा मुकुंद विलास परिसर में चल रहे सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वृंदावन से पधारीं प्रसिद्ध कथावाचिका देवी कृष्ण प्रिया के मुखारविंद से भगवान श्री गणेश के प्राकट्य की दिव्य कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
कथावाचिका कृष्ण प्रिया ने कहा कि “काशी में शिव कथा कहना और सुनना स्वयं भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा का परिणाम है। यह सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता, बल्कि यह पूर्व जन्मों के पुण्यों का प्रतिफल होता है।” उनके भावपूर्ण प्रवचन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था के अद्भुत संगम में डुबो दिया।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व यजमान राधेश्याम गुप्ता, संदीप गुप्ता, संजय गुप्ता, मोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, रवि अग्रवाल, रत्नेश जायसवाल एवं हरिशंकर अग्रहरि ने सपरिवार आचार्य दिनेश शास्त्री के आचार्यत्व में विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान परिसर में विराजमान भगवान शिव-पार्वती, श्री गणेश, हनुमान जी एवं व्यास पीठ की आरती कर समस्त वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया।

कार्यक्रम में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। उन्होंने कथा श्रवण कर कथावाचिका कृष्ण प्रिया से आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सराहना करते हुए इसे सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
यजमान राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी को धार्मिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से पिछले चार वर्षों से इस कथा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता लाने के लिए ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है।
कथा स्थल पर सुधीर गुप्ता, वंदना गुप्ता, आकांक्षा गुप्ता, पारुल अग्रवाल, आरती अग्रवाल, प्रियंका अग्रहरि, उपासना अग्रवाल, श्रद्धा गुप्ता, पूजा जायसवाल, श्वेता गुप्ता सहित यजमान परिवार के सदस्य एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने काशी की आध्यात्मिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।









