वाराणसी। काशी–तमिल संगमम् के पाँचवे समूह का काशी विश्वनाथ धाम में पारंपरिक स्वागत किया गया। समूह के आगमन पर मंदिर के शास्त्रियों ने पुष्पवर्षा, डमरू वादन और वेदध्वनि के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे परिसर में “हर हर महादेव” और “जय विश्वनाथ” के जयघोष गूंज उठे।
अतिथियों ने सर्वप्रथम श्री विश्वेश्वर के समक्ष दर्शन-पूजन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। दर्शन के बाद मंदिर प्रशासन द्वारा सभी सदस्यों को विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर का विस्तृत भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान अतिथियों ने धाम के ऐतिहासिक स्वरूप, अनूठी स्थापत्य कला, नवनिर्मित सुविधाओं तथा प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालु-धारा के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण पूर्ण होने के पश्चात मंदिर संचालित अन्नक्षेत्र में सभी आगंतुकों के लिए दोपहर के भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। अन्नक्षेत्र में परोसे गए प्रसाद ने अतिथियों को काशी की अतिथि-सेवा, परंपरा और आध्यात्मिकता का गहरा अनुभव कराया।

समूह का यह दिव्य दर्शन और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक संवाद काशी और तमिल परंपराओं के प्रगाढ़ संबंधों को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ। यह दिन दोनों सभ्यताओं के संगम का स्मरणीय प्रतीक बन गया।









