वाराणसी। उत्तर प्रदेश के पौराणिक नगर काशी के कायाकल्प की यात्रा में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आधुनिकता और विरासत के संगम को दर्शाते हुए यहां दो ऊंची इमारतों (टि्विन टावर) के बीच ग्लास से निर्मित स्काई वॉक बनाए जाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। यह स्काई वॉक प्रदेश में किसी भी इमारत में बनने वाला पहला ऐसा ग्लास गलियारा होगा।
करीब 100 फुट से अधिक ऊंचाई पर बनने वाले इस स्काई वॉक का फर्श पूरी तरह ग्लास बेस का होगा। इस पर चहलकदमी करने वालों को ऐसा अनुभव होगा मानो वे आसमान में चल रहे हों। गलियारे से पुरानी काशी की आध्यात्मिक छवि और नई काशी की आधुनिक संरचनाओं का एक साथ अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
पर्यटन और शहरी सौंदर्यीकरण की दृष्टि से यह परियोजना काशी को एक नई पहचान देगी। माना जा रहा है कि स्काई वॉक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण बनेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक विशेष अनुभव केंद्र के रूप में उभरेगा। काशी के विकास की इस महत्वाकांक्षी योजना से स्पष्ट है कि परंपरा और तकनीक के संतुलन के साथ शहर को भविष्य की ओर ले जाने का प्रयास निरंतर जारी है।










