वाराणसी। पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश में जारी भीषण शीतलहर और घने कोहरे का असर अब जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा एहतियाती निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अनुराग श्रीवास्तव ने जनपद के प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के सभी विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया है।
23 व 24 दिसंबर को कक्षा 5 तक पूर्ण अवकाश

BSA द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मंगलवार 23 और बुधवार 24 दिसंबर को वाराणसी जिले के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई पूरी तरह स्थगित रहेगी। यह निर्णय सुबह के समय अत्यधिक ठंड और घने कोहरे से छोटे बच्चों को होने वाले स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए लिया गया है।
निर्वाचन कार्यों में लगे शिक्षक रहेंगे उपस्थित
हालांकि, BSA ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल पठन-पाठन गतिविधियों पर लागू होगा। निर्वाचन संबंधी कार्यों में लगाए गए शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शैक्षणिक स्टाफ को अपने-अपने कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
कक्षा 6 से 12वीं तक के स्कूलों का बदला समय
जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि कक्षा 6 से 12वीं तक के सभी विद्यालय अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे। स्कूल प्रबंधन को समय परिवर्तन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को सुबह की कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके।
कोहरे और ठंड से बढ़ी मुश्किलें
पिछले कई दिनों से वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रात में ठंड का असर अधिक है, वहीं सुबह घना कोहरा यातायात और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कई क्षेत्रों में दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी और कोहरे के घनत्व में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन इसके बाद एक बार फिर ठंड बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं और कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की अपील की गई है।
साथ ही वाहन चालकों से कोहरे के दौरान फॉग लाइट का प्रयोग, धीमी गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।
अभिभावकों ने जताई राहत
प्रशासन के इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को ठंड और कोहरे में स्कूल भेजना जोखिम भरा होता है और प्रशासन का यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से सराहनीय है।
फिलहाल, मौसम की स्थिति पर जिला प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। शीतलहर का असर जारी रहने पर आगे और भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।









