वाराणसी। मोहित अग्रवाल द्वारा आयोजित सैनिक सम्मेलन एवं मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रभावी अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।कार्य में लापरवाही और निष्क्रियता पर सख्त रुख अपनाते हुए एसओजी-02 को भंग कर सभी कर्मियों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया। साथ ही कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में भी परिवर्तन किया गया। गोष्ठी में रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुपालन, सीसीटीएनएस, ई-समन पोर्टल, यक्ष ऐप एवं थाना अभिलेखों की जानकारी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आरटीसी स्क्रीम एवं जेडएफडी अभियान के अंतर्गत विशेष निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, एनडीपीएस तथा अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं जनप्रतिनिधियों तथा आमजन के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी सहित समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।









