वाराणसी। आपदा एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को दक्ष बनाने का अभियान तेज हो गया है। जिलाधिकारी/नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में नागरिक सुरक्षा प्रधान कार्यालय, चेतगंज में आयोजित सात दिवसीय वार्डेन एवं स्वयंसेवक क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के तहत एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम द्वारा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) एवं प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा, दुर्घटना अथवा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित, सटीक एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए सक्षम बनाना है। उप नियंत्रक जितेन्द्र देव सिंह की देखरेख में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराते हुए स्वयंसेवकों को आधुनिक बचाव विधियों से अवगत कराया।
एनडीआरएफ प्रशिक्षकों ने बताया कि सड़क दुर्घटना, हृदयगति रुकने अथवा अचानक बेहोशी की स्थिति में समय पर दिया गया सीपीआर किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनदायी सिद्ध हो सकता है। सही तकनीक और त्वरित निर्णय से अनमोल जान बचाई जा सकती है।

शिविर में लगभग 120 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं, जिन्हें आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्यों की सूक्ष्म जानकारियां दी जा रही हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों में आत्मविश्वास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी सुदृढ़ हो रही है।
कार्यक्रम का संचालन एडीसी इरफानुल होदा एवं विवेक कुमार राय ने किया। इस अवसर पर उप नियंत्रक जेडी सिंह, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर श्रीनिवास मीना, सुनील कांत सिंह, कमलेश तिवारी, संदीप कुमार सिंह, शैलेन्द्र कुमार, डिप्टी डिवीजनल वार्डेन अरविन्द विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।









