वाराणसी। भीषण गर्मी और बढ़ती श्रद्धालु भीड़ के बीच काशी के व्यापारियों ने शहर के प्रमुख धार्मिक एवं व्यापारिक मार्गों पर आमजन और यात्रियों को राहत दिलाने की मांग तेज कर दी है। काशी trade प्रतिनिधिमंडल से संबद्ध “न्याय-मंच” के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मंच के अध्यक्ष सोनालाल सेठ के नेतृत्व में मंडलायुक्त से मुलाकात कर विभिन्न जनसुविधाओं और व्यापारिक समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से गोदौलिया से मैदागिन तक श्रद्धालुओं और राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए “स्प्रिंकलर फव्वारा” लगाए जाने की मांग उठाई। व्यापारियों का कहना था कि इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है और काशी में अधिक मास प्रारंभ होने के कारण लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन भी तेज हो गया है। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर शीतल जल फुहार व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को बताया कि ज्येष्ठ मास में 17 मई से अधिक मास प्रारंभ हो चुका है और इस अवधि में पंचकोशी परिक्रमा सहित 12 प्रमुख धार्मिक यात्राओं का विशेष महत्व माना जाता है। इन यात्राओं की शुरुआत मणिकर्णिका घाट से होती है, जहां श्रद्धालु संकल्प लेकर जौ विनायक का दर्शन करते हुए बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु आगे बढ़ते हैं।

व्यापारियों ने कहा कि दक्षिण भारत समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को वर्तमान व्यवस्था के तहत अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय कर गेट नंबर-4 की ओर भेजा जाता है, जबकि गंगा तट की ओर कॉरिडोर क्षेत्र में बने तीन प्रवेश द्वारों से यात्रियों को आसानी से बाबा दरबार तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि विशेषकर पुरुषोत्तम मास के दौरान मणिकर्णिका घाट की ओर से गेट नंबर-3 नीलकंठ मार्ग से श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी जाए।
न्याय-मंच के पदाधिकारियों ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में गेट नंबर-2 और 3 के समीप अतिरिक्त शीतल पेयजल व्यवस्था किए जाने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि बढ़ती गर्मी और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था अत्यंत आवश्यक हो गई है।
व्यापारियों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित निःशुल्क गोल्फ कार्ट वाहनों का लाभ आम श्रद्धालुओं को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। आरोप लगाया गया कि कुछ ड्राइवरों और अवैध गाइडों की मिलीभगत के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने गोल्फ कार्ट संचालन की सख्त मॉनिटरिंग तथा अवैध गाइडों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
“न्याय-मंच” के सदस्यों ने गोदौलिया, गिरिजाघर, चौक तथा पीडीआर मॉल क्षेत्र में ई-रिक्शा के बढ़ते अतिक्रमण पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रात्रि 9 बजे के बाद इन क्षेत्रों में ई-रिक्शाओं की लंबी कतारों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों ने इन मार्गों को अतिक्रमणमुक्त करने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने की मांग की। मंडलायुक्त ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ज्ञापन सौंपने वालों में न्याय-मंच के अध्यक्ष सोनालाल सेठ, महामंत्री महेश चन्द्र माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष मनोज सिंह, केशरी नंदन उपाध्याय, शैलेन्द्र सिंह, भानु मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।









