वाराणसी। भारत विकास परिषद की ‘सृजन’ शाखा द्वारा होटल रीजेन्सी में भव्य “दायित्वग्रहण उदयन” समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानन्द एवं मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन तथा वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। समारोह में शाखा के समर्पित सदस्य अनिल श्रीवास्तव के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर सत्र 2025-26 में शाखा द्वारा किए गए सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अध्यक्षा शशी श्रीवास्तव, सचिव डॉ. रमा सिंह, कोषाध्यक्ष प्रवीण सिन्हा एवं महिला सहसंयोजिका रेखा शुक्ला ने वर्षभर संचालित सेवा एवं संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। अध्यक्षा शशी श्रीवास्तव ने सक्रिय सदस्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
शाखा के संरक्षक ज्ञानेन्द्र बहादुर ने परिषद के पंचसूत्र—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण—के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में सत्र 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का विधिवत दायित्वग्रहण भी कराया गया। प्रांतीय संगठन सचिव ऋषि शुक्ला एवं प्रांतीय अध्यक्ष हरविंदर वालिया ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। लगातार चौथी बार शशी श्रीवास्तव शाखा की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं, जबकि डॉ. रमा सिंह को सचिव एवं प्रवीण सिन्हा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो बिहारी लाल शर्मा ने भारतीय विकास परिषद के मूल सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. ऋतु खन्ना ने भारतीय पारिवारिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता अनिल जाजोदिया एवं सुनील सिन्हा ने परिषद की स्थापना, उद्देश्य एवं सेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
समारोह के दौरान शाखा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा राम स्तुति की प्रस्तुति दी गई तथा नशामुक्ति अभियान पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य मंचन के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का संचालन काव्या सिन्हा एवं शाम्भवी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अंत में शाखा के मार्गदर्शक शिवाजी श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नवीन प्रकाश, संजय, पूनम, रंजना, आकांक्षा, संध्या, ब्रजेश लाल, प्रदीप कुमार, बृजेश पाठक, अनिल अन्नू एवं उदय वेताल सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।










