वाराणसी, 04 मई 2026। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस पर डांडिया और गरबा कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उत्साह और सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। डांडिया और गरबा हमारी परंपरा के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन छात्रों में एकता और जागरूकता बढ़ाते हैं।
समन्वयक प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा ने कहा कि गरबा और डांडिया भक्ति और ऊर्जा का संगम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की अपील की।

छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने सभी को आकर्षित किया। कार्यक्रम में ताल और लय का सुंदर मेल दिखा। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. विधु द्विवेदी, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजय कुमार शर्मा और डॉ. रानी द्विवेदी उपस्थित रहे।









