वाराणसी। दहेज प्रथा और खर्चीली शादियों के खिलाफ एक सशक्त संदेश देते हुए रविन्द्रपुरी स्थित विश्वविख्यात अघोरपीठ बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड में अघोराचार्य महाराज बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के अवतरण दिवस के अवसर पर 55 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधे।
सामाजिक संस्था अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान के सौजन्य से आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह का दृश्य अत्यंत आकर्षक और प्रेरणादायक रहा। दोपहर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वर-वधू की हल्दी रस्म सम्पन्न हुई, जिसमें विवाह गीतों की मधुर प्रस्तुति महिला मंडल की सदस्यों द्वारा कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती रूबी सिंह के नेतृत्व में की गई।
रात्रि आठ बजे से प्रारंभ हुए मुख्य विवाह समारोह में साज-सज्जा, खानपान और परिसर में बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किए गए प्रसारण ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती रूबी सिंह ने बताया कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह आयोजनों से न केवल जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिलता है, बल्कि समाज में दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूकता भी बढ़ती है।
कार्यक्रम में अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी इलाकों से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रियदर्शी बाबा, कर्मवीर बाबा, आह्वाहन अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधूत अरुण गिरी महाराज, शाही बाबा, प्रधान व्यवस्थापक अरुण सिंह, अनूप कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।









