वाराणसी, 1 मई 2026। श्रीविद्यामठ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं परमधर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौसंरक्षण के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत में गौमाता के संरक्षण हेतु जितने प्रयास होने चाहिए थे, वे अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए हैं।
शंकराचार्य जी ने कहा कि यदि गौसंरक्षण के प्रति गंभीरता अन्य देशों में भी दिखाई जाती, तो वहां भी गौमाता के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती थी। उन्होंने प्रश्न उठाया कि भारत में गौमाता को “राष्ट्रमाता” अथवा “राज्यमाता” घोषित करने में सरकार को आखिर क्या बाधा है।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में बहुमत की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और देश का एक बड़ा वर्ग लगातार गौसंरक्षण की मांग करता रहा है। इसके बावजूद इस विषय पर ठोस निर्णय न लिया जाना चिंताजनक है। उन्होंने सरकारों से अपेक्षा जताई कि वे स्वयं संज्ञान लेकर गौसंरक्षण हेतु प्रभावी कानून बनाएँ।

शंकराचार्य जी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सनातन परंपरा से जुड़े लोग अपने मूल्यों और आस्थाओं की रक्षा के लिए संगठित होकर प्रयास करें।
उन्होंने अपनी पूर्व घोषित “गविष्ठी यात्रा” के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वे काशी से प्रस्थान कर 3 मई से गोरखपुर से इस यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यह यात्रा प्रदेश की 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान वे जनसंवाद के माध्यम से लोगों को गौसंरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे और उनके सहयोग का आह्वान करेंगे।
इस अवसर पर वैदिक गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं सहित साध्वी पूर्णांबा दीदी, साध्वी शारदांबा दीदी, किशोर देव शास्त्री, संजय पाण्डेय, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, विश्वनाथ मंदिर के महंत राजेंद्र तिवारी, शैलेन्द्र योगी, परमेश्वरदत्त शुक्ला, राजा सक्षम सिंह योगी, हजारी कीर्ति नारायण शुक्ला, सतीश अग्रहरि, रमाशंकर दीक्षित सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।









