वाराणसी। SPIC MACAY, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं भातखंडे संगीत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को डॉ. घनश्याम सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन, मोहाव में मणिपुरी लोकनृत्य एवं रासलीला का भव्य आयोजन हुआ। इस आयोजन ने काशी में पहली बार मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की सजीव झलक प्रस्तुत की।
मणिपुर से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार डॉ. सिनाम बसु सिंह ने अपने दल के साथ ‘मईबी लाईचिंग जगोई’, ‘शिव पंचाक्षरी’ एवं ‘संकीर्तन महायज्ञ’ जैसे पारंपरिक नृत्यों की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मणिपुरी लोकनृत्य में गहन भक्ति भाव निहित होता है और रासलीला, जो द्वापर युग से जुड़ी मानी जाती है, उसकी परंपरा का मूल त्रेता युग तक माना जाता है।
कार्यक्रम के समापन पर रास नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्राएँ गोपियों का रूप धारण कर राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन होकर झूम उठीं, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण छा गया।

संगीत संगत में ओइनाम कल्याण सिंह (गायन), चनाम प्रदीयम सिंह (पुंग/मृदंग) एवं चिंगांगबाम याइपुरेम्बा (वायलिन) ने प्रभावी प्रस्तुति दी। वहीं खुमुजाम जेनीवा देवी एवं एलांगबाम जोशिरानी देवी ने रासलीला की भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में कलाकारों का सम्मान महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह, प्रशासक संजीव सिंह एवं डॉ. स्मृता सिंह द्वारा अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि SPIC MACAY वाराणसी चैप्टर की समन्वयक डॉ. विभा सिंह ने विषय स्थापना रखी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक नागेश्वर सिंह ने किया।
इस अवसर पर स्वस्तिका मिश्रा, डॉ. विपुल शुक्ला, डॉ. नैंसी श्रीवास्तव, पवन सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया।









