वाराणसी। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पूर्ण रूप से कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने आवाज तेज कर दी है। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान आयोजित एक रैली में कर्मचारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और मतदान के माध्यम से चेतावनी देने का आह्वान किया।
पश्चिम बंगाल से लौटते समय पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने लोक निर्माण विभाग में परिषद के जिलाध्यक्ष शशिकांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित संक्षिप्त मुलाकात में कहा कि वर्ष 2013 के प्रदेशव्यापी आंदोलन के दौरान सरकार से यह सहमति बनी थी कि प्रदेश के सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक वर्ग को पूरी तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी, चाहे वे किसी भी अस्पताल या संस्थान में इलाज कराएं। इस संबंध में उच्च न्यायालय ने भी कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अब तक समझौते के अनुरूप ठोस आदेश जारी नहीं किए गए हैं और आंशिक व निष्क्रिय कैशलेस सुविधाएं लागू की जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में समय-समय पर जारी किए जा रहे नए आदेश स्वीकार्य नहीं हैं।

परिषद ने निर्णय लिया है कि इस मुद्दे को सबसे पहले मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं होता है तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान श्याम राज यादव (जिला मंत्री), सुधांशु सिंह (सम्प्रेक्षक), अमरेंद्र कुमार दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन), मनोज कुमार (कार्यवाहक जिलाध्यक्ष), जयप्रकाश दुबे (जिला कोषाध्यक्ष), सुजीत सिंह, अखिलेश चौहान (क्षेत्रीय अध्यक्ष), धन्नजय यादव (पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष), रविंद्र कुमार (जनपद सचिव), जेपी शर्मा, विशाल चौरसिया एवं विकास विश्वकर्मा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।








