वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र में युवक पर चाकू से किए गए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नामजद अभियुक्त और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया। घायल युवक का इलाज अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हरहुआ चौराहे से गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराधों की रोकथाम तथा वांछित व फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के नेतृत्व में थाना शिवपुर पुलिस टीम ने “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 0118/2026 धारा 109(1) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त मो. उमर पुत्र गयाशुद्दीन अहमद निवासी ग्राम सादियाबाद थाना सादियाबाद जनपद गाजीपुर (हाल पता बाबतपुर थाना बड़ागांव, वाराणसी) उम्र करीब 19 वर्ष को मंगलवार को दोपहर करीब 1:55 बजे हरहुआ चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 को वादी ने थाना शिवपुर में लिखित तहरीर देकर बताया कि कुछ युवकों ने उसके 19 वर्षीय बेटे पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक के पेट में गंभीर चोट आई और चाकू पेट में ही फंस गया, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार आईसीयू में चल रहा है। तहरीर के आधार पर थाना शिवपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई, जिसकी जांच उपनिरीक्षक मन्दीप कुमार मिश्रा द्वारा की जा रही है।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त मो. उमर ने बताया कि उसके एक मित्र का राजरत्न विश्वास से पुराना विवाद चल रहा था। उसी विवाद के चलते परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे सबक सिखाने की योजना बनाई गई। 9 मार्च को सभी लोग स्कूल के पास इकट्ठा हुए और राजरत्न विश्वास के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही वह वहां पहुंचा, सभी ने उसे पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनके मित्र ने अपने पास रखा चाकू निकालकर उसके पेट में वार कर दिया। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना शिवपुर में धारा 109(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मन्दीप कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक भूपेन्द्र कुमार, कांस्टेबल आलोक शर्मा और कांस्टेबल रत्नेश राय शामिल रहे।









