वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक, दर्शन-पूजन एवं पंचकोशी यात्रा के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की रूपरेखा तैयार कर ली है। दिनांक 14 फरवरी को त्र्यम्बकेश्वर मीटिंग हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) श्री शिवहरी मीना ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था “शून्य त्रुटि सिद्धांत” पर आधारित होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बैठक में भीड़ के अनुमान, संवेदनशील स्थलों की पहचान, घाटों की व्यवस्था, पार्किंग, डायवर्जन प्लान, आपात प्रतिक्रिया तंत्र एवं मंदिर परिसर की बहुस्तरीय सुरक्षा पर बिंदुवार चर्चा की गई।
प्रशासन ने मंदिर परिसर, कॉरिडोर एवं आसपास के क्षेत्रों में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित करने, नियंत्रित एवं चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली लागू करने तथा सुदृढ़ बैरिकेडिंग और कतार प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गंगा घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर और मोटरबोट की तैनाती के साथ प्रकाश एवं सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएंगे। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी/आरआरएफ की तैनाती, एंटी-सबोटाज चेकिंग, डॉग स्क्वॉड एवं बम निरोधक दस्ते की सक्रियता सुनिश्चित की जाएगी। पंचकोशी एवं संभावित चौरासी कोसी यात्रा मार्गों पर जोनवार प्रबंधन, रिजर्व फोर्स और क्यूआरटी को स्टैंडबाय रखा जाएगा।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने हेतु पूर्व निर्धारित डायवर्जन प्लान का कड़ाई से अनुपालन, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से 24×7 सीसीटीवी मॉनिटरिंग, ड्रोन से भीड़ का आकलन तथा सोशल मीडिया सेल के माध्यम से अफवाहों पर त्वरित नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। साथ ही होटल, धर्मशाला एवं किराये के आवासों में ठहरने वाले बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन, सादी वर्दी में पुलिस की तैनाती तथा अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलाया जाएगा।

बैठक के उपरांत अधिकारियों ने मंदिर परिसर एवं प्रमुख घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि निर्धारित मार्गों का पालन करें, प्रतिबंधित वस्तुएं साथ न लाएं, छोटे बच्चों एवं वृद्धजनों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।









