वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी वाराणसी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को आम जनता के साथ छल करार देते हुए कहा कि यह बजट जनता की उम्मीदों से पूरी तरह खाली है। आम नागरिक, युवा, मध्यम वर्ग और व्यापारी—किसी भी वर्ग को इस बजट में कोई वास्तविक राहत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि बजट में न तो युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कोई ठोस घोषणा की गई है, न ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की कोई स्पष्ट नीति दिखाई देती है। टैक्स में किसी प्रकार की रियायत न देकर सरकार ने मध्यम वर्ग की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि देश भयंकर महंगाई की मार झेल रहा है, लेकिन बजट में महंगाई नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए। सोने-चांदी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं, जिससे आम परिवारों के लिए विवाह, सोना खरीदना या आभूषण बनवाना अत्यंत कठिन हो गया है। यह स्थिति देश की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी के लिए गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन सरकार इस दिशा में पूरी तरह उदासीन दिखाई दी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए यह बजट बेहद निराशाजनक है। वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद पिछले 12 वर्षों में यहां औद्योगिक विकास के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। उलटे, रिहायशी इलाकों की मूलभूत सुविधाएं तक बदहाल स्थिति में पहुंचा दी गई हैं।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि बजट पेश होते ही शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सरकार द्वारा Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाने और कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 22 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने के ऐलान ने निवेशकों को झकझोर दिया। बाजार विशेषज्ञों को जहां STT में कटौती की उम्मीद थी, वहीं सरकार ने इसके विपरीत कदम उठाकर आर्थिक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।
अंत में उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर भाजपा सरकार ने देश का एक और साल विफल आर्थिक नीतियों के नाम कर दिया है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में आम जनता को भुगतना पड़ेगा।










