वाराणसी। काशी की आस्था, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के संकल्प के साथ महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने आज काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन–पूजन किया। दोनों नेताओं ने पूजा-अर्चना कर देश व प्रदेश में सद्बुद्धि, न्याय और सनातन परंपरा की रक्षा की कामना की।
दर्शन–पूजन के उपरांत नेताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर काशी की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक अस्मिता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया गया। नेताओं ने कहा कि काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि सनातन चेतना और मोक्ष की अवधारणा का जीवंत केंद्र है, जिसकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर उन्होंने प्रार्थना की है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सद्बुद्धि प्रदान करें, ताकि काशी की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के साथ हो रहे कथित खिलवाड़ को रोका जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण के शिलान्यास के बाद “सौंदर्यीकरण के नाम पर घाट की मूल आत्मा को नुकसान” पहुँचाया गया। मणिकर्णिका घाट को उन्होंने सनातन धर्म की वैश्विक आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि यहाँ दाह संस्कार को मोक्ष का द्वार माना जाता है।
अजय राय ने मूर्ति से जुड़े वीडियो को लेकर सरकार से स्पष्टता की मांग की—यदि वीडियो AI-जनरेटेड है तो उसके ठोस तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक किए जाएँ और यह बताया जाए कि मूर्ति वर्तमान में कहाँ है। उन्होंने कहा कि एक ओर मंत्री और अधिकारी मूर्ति टूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं, दूसरी ओर उसे AI वीडियो बताया जा रहा है, जो विरोधाभास सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का मणिकर्णिका घाट जाने का कार्यक्रम अचानक रद्द होना और स्थल पर जाए बिना प्रेस वार्ता करना लोकतंत्र व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है। प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की और वेदपाठी ब्राह्मण की शिखा खींचे जाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार पर सनातन विरोधी सोच का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले ने कहा कि काशी आकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि देश–प्रदेश की सरकार को सद्बुद्धि मिले, जिससे काशी की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि मोक्ष की अवधारणा का प्रतीक है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा संरक्षित इस पवित्र स्थल पर मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुँचना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सरकार AI वीडियो का दावा कर रही है तो पूरे तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक किए जाएँ और मूर्ति की वर्तमान स्थिति बताई जाए। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना अपराध नहीं है और साधु–संतों का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस काशी और मणिकर्णिका घाट की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सतनाम सिंह, मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा, मनोज वर्मा (मनू), परवेज़ ख़ान (रवि), रोहित दुबे, ओमप्रकाश ओझा, विनीत चौबे, अनुभव राय, किशन यादव, अनुपम राय, कुँवर यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









