वाराणसी। पिछले वर्ष बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित रूप से हो रही हिंसा, उत्पीड़न और हत्याओं के विरोध में अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंगदल काशी प्रांत के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुरुधाम चौराहे से चेतमणि चौराहे तक जुलूस निकालकर बांग्लादेश के
प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा की करीब 88 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि हालात 1971 जैसे बनते जा रहे हैं, जहां मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, घरों में आगजनी, लूटपाट और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी तत्वों द्वारा हिंदू युवकों की निर्मम हत्या की घटनाएं सामने आई हैं तथा ढाका सहित कई क्षेत्रों में भारत विरोधी गतिविधियां तेज हुई हैं। संगठन ने इसे पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए भी खतरा बताया और कहा कि बांग्लादेश में शासन, सेना और प्रशासन कथित रूप से हालात नियंत्रित करने में असहाय नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएं तथा वहां के हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।जुलूस के दौरान बांग्लादेश के विरोध में नारे लगाए गए, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रवण कुमार मौर्य, प्रफुल्ल शुक्ला, हरिनाथ सिंह, अंकित सेठ, अखिलेश वर्मा, रोहित कुमार, अर्जुन शेट्टी, नवरत्न कुमार, प्रशांत विश्वकर्मा, कुलदीप वर्मा, किशन गुप्ता, आर्यन विश्वकर्मा, अरविंद शर्मा, विश्वजीत कुमार, सूरज गुप्ता, हरिश चंद्र चौधरी, संजीव कुमार, कमलेश सिंह, संजय पटेल, करण कुमार, सोनू मिश्रा, अजय, राजेश, कुंवर सिंह, रविंद्र गिरी, रिंकू देववंशी, सुमित सेठ, रवि केसरी और प्रांतीय महामंत्री अर्जुन कुमार मौर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









