वाराणसी। ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध देशव्यापी अभियान चला रही राष्ट्रीय संस्था सत्या फाउंडेशन की पहल पर सेंट जोसेफ गुरुकुल (गोरखपुर) के रेक्टर फादर के. वी. सुरेश ने क्रिसमस एवं नववर्ष के अवसर पर जनता के नाम शांति और सद्भाव का संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्वों के नाम पर डीजे और पटाखों का प्रयोग धर्म-विरुद्ध आचरण है, जिसका पूर्ण बहिष्कार किया जाना चाहिए। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में फादर के. वी. सुरेश ने कहा कि क्रिसमस और नववर्ष प्रभु की अमूल्य देन हैं, जिन्हें उल्लास, प्रेम और आध्यात्मिक शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। सच्ची खुशी दिल से निकलती है, शोर-शराबे से नहीं। आध्यात्मिक तरीके से पर्व मनाकर जीवन में शांति का अनुभव करना और उसी शांति को दूसरों के साथ साझा करना ही क्रिसमस का वास्तविक अर्थ है।उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग डीजे और पटाखों के माध्यम से खुशी जाहिर करना चाहते हैं, लेकिन इससे आनंद नहीं बल्कि अशांति फैलती है। तेज आवाज और पटाखों के कारण कई लोगों—विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, रोगियों और पशु-पक्षियों—को गहरा कष्ट सहना पड़ता है। यह पीड़ा उनके जीवन की सामान्य गति को बाधित कर देती है। फादर सुरेश ने भावुक अपील करते हुए कहा, “हमारा त्योहार और हमारी खुशी कभी भी दूसरों के लिए दर्द का कारण नहीं बननी चाहिए। ऐसे साधनों से प्रभु का महिमागान करें, जिनसे समाज में शांति फैले, एक-दूसरे का साथ मजबूत हो और जीवन में सौहार्द बढ़े।” अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस क्रिसमस और आने वाले नववर्ष में शांति, प्रेम और संवेदनशीलता को अपनाएं तथा जो भी कार्य करें, उसे समाज और मानवता के हित में आगे बढ़ाने का संकल्प लें। उन्होंने समस्त देशवासियों को क्रिसमस और नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।









