वाराणसी। महमूरगंज स्थित शुभम लॉन में सामाजिक संस्था कृपा महोत्सव के तत्वावधान में छठवां प्रभु श्री श्याम महोत्सव भव्य एवं दिव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। श्री श्याम मंडल, त्रिदेव मंदिर सेवक परिवार, श्री श्याम बाल मंडल एवं मारवाड़ी समाज के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस एकदिवसीय महोत्सव में सैकड़ों की संख्या में श्याम भक्तों ने सहभागिता कर प्रभु के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।महोत्सव का शुभारंभ संयोजक रोहित डालमिया, शिल्पी डालमिया, सुशील साह एवं अर्चना साह द्वारा अखंड ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर खाटू श्याम प्रभु की दिव्य झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर होते रहे। मुख्य मंच पर शिवलिंग स्वरूप में विराजमान देवाधिदेव महादेव की गोद में सिंहासनासीन खाटू श्याम की अलौकिक झांकी श्रद्धा का केंद्र बनी रही। साथ ही वृंदावन से पधारे बांके बिहारी एवं अयोध्या से आई श्री रामलला की दिव्य झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा स्वदेशी फूलों से सुसज्जित बाबा का अलौकिक दरबार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। अन्य मंडपों में गणपति, मां दुर्गा, हनुमान जी एवं बाबा विश्वनाथ के स्वरूप भी विराजमान रहे। खाटू श्याम बाबा को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्री श्याम मंदिर कमेटी (खाटू श्याम) के पुरुषोत्तम शर्मा एवं सालासर धाम से पधारे श्री जय पुजारी जी की विशेष उपस्थिति में विधिवत श्रृंगार एवं आरती संपन्न हुई। इसके उपरांत देशभर से आई 20 कीर्तन मंडलियों ने भजनों की रसधार से प्रभु श्री श्याम का गुणगान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय श्याम मंडल एवं मुंबई से आए सुशील शाह द्वारा गणेश वंदना से हुआ। भजन संध्या में कोलकाता के संजय मित्तल, संजू शर्मा, विकास रुईया, सूरज शर्मा, अमित दधीच; मुंबई से राजू खंडेलवाल; जयपुर से निशा गोविंद तथा वाराणसी के अनूप सराफ, श्यामसुंदर गाड़ोदिया, कृष्ण दाधीच सहित अनेक कलाकारों ने श्याम प्रभु के चरणों में भावपूर्ण भजनांजलि अर्पित की। महोत्सव में प्रमुख रूप से भरत सराफ, राधे गोविंद केजरीवाल, सुरेश तुलस्यान, संजीव अग्रवाल डब्बू, अंकित अग्रवाल, अजय खेमका, दीपक तोदी, पंकज तोदी, गौरी शंकर धानुका, विकास ओझा, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, आलोक शर्मा, जगदीश काबरा, निर्मल पारीख, श्याम सुंदर गोयंका, मोतीलाल शर्मा, मन्नू शर्मा, राजीव काबरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महोत्सव के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता को बल मिलता है।









