वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में मंगलवार को ज्ञानोदय बालिका विद्यालय में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई से सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार, चाइल्ड हेल्प डेस्क कैंट रेलवे स्टेशन के सुपरवाइजर शिवेंद्र कुमार सिंह, चाइल्डलाइन सुपरवाइजर पारुल राय एवं परामर्शदाता प्राची जायसवाल ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को बाधित करता है, जिससे उनका संपूर्ण जीवन प्रभावित होता है। बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसे रोकने के लिए परिवार, समाज एवं समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने “हम स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे और न ही अपने परिवार व समाज में होने देंगे” का सामूहिक संकल्प लिया।
इसके साथ ही छात्राओं को चाइल्डलाइन टोल फ्री नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112, 108, 1076, 1090 सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी देकर बच्चों को जागरूक किया गया।









