वाराणसी। वाराणसी में जिला कृषि उत्पादक संघ टिकरी के सहयोग से क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद द्वारा शनिवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालु मुख्य अतिथि तथा राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद के निदेशक डा. गगनेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । कृषकों को दी गई विस्तृत जानकारीसेमिनार में डा. गगनेश शर्मा ने कृषकों को प्राकृतिक खेती की विधियों, लाभों एवं उसके दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है । उप कृषि निदेशक अमित कुमार जायसवाल ने कृषि विभाग की सभी योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की और किसानों को जैविक खेती के फायदों से अवगत कराया ।वैज्ञानिकों का योगदान एवं कृषकों का सम्मानकाशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकी जानकारी को समझाया और किसानों को जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट, नीमाशास्त्र, जीवामृत जैसी तकनीकों के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया । इस अवसर पर प्रगतिशील कृषकों और कृषि सखियों को अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । सेमिनार में भागीदारीकार्यक्रम में जनपद के प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों एवं सभी कृषि सखियों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जागरूक करना तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना रहा । इस सेमिनार ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों और तकनीकों के बारे में व्यापक जानकारी दी, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है ।










