वाराणसी। विकास प्राधिकरण वाराणसी के सभागार में शुक्रवार को आयोजित संवाद कार्यशाला में विस्तारित विकास क्षेत्र के 216 नये ग्रामों के ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम सचिवों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने की। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना तथा ग्राम पंचायतों और प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। कार्यक्रम में नगर नियोजक प्रभात कुमार, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मास्टर प्लान-2031 के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों, विभिन्न क्षेत्रों के भूमि उपयोग, सड़क नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजित विकास की आवश्यकता पर विस्तारपूर्वक प्रस्तुति दी। इस दौरान मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता और उसकी प्रक्रिया को भी बिंदुवार समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत मानचित्र न सिर्फ सुरक्षित एवं नियमबद्ध निर्माण सुनिश्चित करता है, बल्कि अवैध निर्माण की रोकथाम, कानूनी सुरक्षा और भविष्य में निर्माण संबंधी जोखिमों से बचाव का भी माध्यम है। ग्राम प्रधानों को यह स्पष्ट किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित विकास को रोकने और आधुनिक सुविधाओं से लैस संरचित विकास के लिए मास्टर प्लान-2031 अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में ग्राम प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव भी साझा किए। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्राधिकरण उनके साथ पूर्ण सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ग्राम प्रतिनिधियों की सहभागिता से विस्तारित क्षेत्र में योजनाबद्ध और समन्वित विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।










