वाराणसी। बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
शंकराचार्य महाराज ने इस हृदयविदारक घटना पर चिंता जताते हुए उत्तराखंड सरकार से दुर्घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि हादसे के पीछे संभावित तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति अथवा व्यावसायिक दबाव जैसे सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हवाई सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपराओं, आध्यात्मिक पवित्रता और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। कहा कि तीर्थक्षेत्र और पवित्र यात्रा मार्ग पर डीजे बजाना, नाच-गाना तथा मनोरंजन के नाम पर व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित करना धाम की गरिमा और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। देवभूमि के तीर्थस्थलों की मूल आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक मर्यादा हर हाल में सुरक्षित रखी जानी चाहिए।
शंकराचार्य ने उत्तराखंड सरकार एवं मुख्यमंत्री से धाम क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए स्पष्ट और कठोर नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों को पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनाने के बजाय उनकी आध्यात्मिक पहचान एवं प्राचीन परंपराओं के अनुरूप संरक्षित किया जाना चाहिए।

उक्त जानकारी शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।










