वाराणसी। राजघाट स्थित भदऊ चुंगी के श्री सिद्धपीठ यमुनेश्वर आश्रम (आरा मठ), श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा में आश्रम के संस्थापक परमहंस परिव्राजकाचार्य एवं समस्त गुरु मूर्तियों के वार्षिकोत्सव पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में अखंड रामचरितमानस पाठ, गुरुपूजन, साधु-संत सम्मेलन, भंडारा और भजन संध्या के माध्यम से गुरु परंपरा का गुणगान किया गया।
आश्रम के पूर्वांचल श्रीमहंत स्वामी वैभव गिरि महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वितीया को आश्रम संस्थापक एवं समस्त गुरु मूर्तियों का वार्षिकोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष भी परंपरानुसार दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहले दिन 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस पाठ हुआ। दूसरे दिन पाठ की पूर्णाहुति के बाद आयोजित अधिवेशन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए साधु-संतों और महात्माओं ने गुरु मूर्तियों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की।
दोपहर से आयोजित भंडारे में साधु-संतों और महात्माओं को महाप्रसाद ग्रहण कराया गया। इसके बाद उन्हें अंगवस्त्र और दक्षिणा भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। शाम से देर रात तक राकेश चौबे संगम की जागरण टीम ने भजन संध्या प्रस्तुत की। कलाकारों के भक्ति गीतों से आश्रम परिसर भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब और राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत-महात्माओं के साथ काशी के विभिन्न अखाड़ों के सभापति, अध्यक्ष, महामंत्री, महंत, साधु-संत और क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन ने गुरु-शिष्य परंपरा, संत सेवा और आध्यात्मिक एकता की भावना को सुदृढ़ किया।











