वाराणसी। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दशाश्वमेध स्थित प्राचीन बंगीय सिद्धपीठ काशी कामरूप मठ में मां आदिशक्ति भगवती की आराधना के लिए नौ दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, चंडी पाठ और महाविद्याओं के पूजन से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
मठ के पीठाधीश्वर महंत स्वामी शुद्धानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि गुरु परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्र के प्रथम दिन मां कामाख्या देवी की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से घट स्थापना कर अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। नौ दिनों तक विद्वान आचार्य प्रशांत कुमार शर्मा के सान्निध्य में चंडी पाठ, दस महाविद्याओं का पूजन तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विजयादशमी के दिन मां दुर्गा के स्वरूप में कन्याओं का पूजन एवं विदाई की परंपरा निभाई जाएगी। इसके साथ ही दंडी स्वामियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इसमें काशी के विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों से साधु-संतों के शामिल होने की संभावना है।

महंत स्वामी शुद्धानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि अनुष्ठान का उद्देश्य मानव कल्याण, भारत की उन्नति एवं समृद्धि, सनातन धर्म की रक्षा और विश्व शांति की कामना करना है। धार्मिक आयोजन में महंत स्वामी शुद्धानंद तीर्थ महाराज, आचार्य प्रशांत कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं।










