वाराणसी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर को 11 एनडीआरएफ, वाराणसी में मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या, योग और संतुलित आहार अपनाकर तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यशाला में एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने तनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, सकारात्मक दृष्टिकोण, संतुलित भोजन, नशे से दूरी और सीमित स्क्रीन टाइम मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन, आपसी तालमेल और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना भी तनाव कम करने के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने तनाव के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए विभिन्न रिलैक्सेशन एक्सरसाइज की जानकारी दी और उनके नियमित अभ्यास पर जोर दिया।
श्री विवेकानंद स्मारक राजकीय चिकित्सालय, भेलूपुर के योग प्रशिक्षक मनीष पांडेय ने तनाव प्रबंधन में योग की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि योग शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक है। इस दौरान उन्होंने जवानों को विभिन्न योगासनों और अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया तथा नियमित योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं, डॉ. स्वाति तिवारी, डॉ. शालू और डॉ. सैंधवी ने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आयुर्वेद की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि खान-पान, दिनचर्या और विचारों का मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। सात्विक एवं संतुलित भोजन, अनुशासित जीवनशैली और सकारात्मक सोच अपनाकर मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों ने कहा कि आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र में तैनात जवानों के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना विशेष महत्व रखता है। तनाव की समय रहते पहचान, नियमित व्यायाम, योग और अपनों के साथ संवाद मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं। कार्यशाला का उद्देश्य जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना करने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर 11 एनडीआरएफ की चिकित्सक डॉ. परमजीत कौर, डिप्टी कमांडेंट राम भवन यादव, उप कमांडेंट संतोष कुमार, इंस्पेक्टर सुधीर सिंह और सोमवीर चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।










