चकिया। तहसील क्षेत्र के कटवा माफी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की उपलब्धता और दवाओं की व्यवस्था को लेकर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कथित कमी से परेशान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। खास बात यह है कि अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन देने वाले डॉ. परशुराम सिंह भी व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होने और जरूरी दवाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिला स्तर से व्यवस्था में सुधार के लिए निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
बताया जाता है कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. परशुराम सिंह ने अस्पताल निर्माण के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। वर्तमान में उसी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। इस स्थिति ने अस्पताल के मूल उद्देश्य और मौजूदा व्यवस्था के बीच अंतर को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है।
आश्वासन के बीच व्यवस्था सुधार का इंतजार

स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आ रही है। क्षेत्रीय विधायक की ओर से भी लोगों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल में चिकित्सक, पर्याप्त दवाएं और नियमित स्वास्थ्य सेवाएं चाहिए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि उच्च स्तर से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं तो उनका प्रभाव जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। चिकित्सकों की कमी, दवाओं की उपलब्धता और निर्देशों के अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी उठ रही है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा के लिए जिस उद्देश्य से अस्पताल का निर्माण कराया गया, वह तभी सार्थक होगा जब मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं मिल सकें। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार विभाग कब तक ठोस कदम उठाता है।
क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए अन्य स्थानों की ओर न जाना पड़े।










