चंदौली/चकिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जहां देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर शुभकामनाएं दी जा रही थीं, वहीं चकिया क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती चर्चा का विषय बनी रही। बिजली आपूर्ति बाधित रहने को लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक ओर देश प्रधानमंत्री का जन्मदिन मना रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग की कटौती से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी बिजली कटौती का सिलसिला पूरी तरह नहीं थम रहा है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के दिन भी बिजली गुल रहने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच सवाल उठने लगे। ग्रामीणों के अनुसार लगातार होने वाली बिजली कटौती का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ दुकानदारों, विद्यार्थियों और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ता है।
लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में विशेष अवसरों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता बरती जानी चाहिए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र में कटौती का कारण स्पष्ट करने की मांग की है।

हालांकि, प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर हुई बिजली कटौती का वास्तविक कारण क्या था, यह नियोजित कटौती थी अथवा किसी तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी विभाग की ओर से सामने नहीं आई है। बिजली कटौती को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग को आपूर्ति बाधित होने के कारण की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।










