वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के सभागार में महिला शिक्षक संघ, वाराणसी के तत्वावधान में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, समर्पण एवं नवाचार के लिए चिरईगांव ब्लॉक की पांच शिक्षिकाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला शिक्षक संघ वाराणसी की जिला अध्यक्ष अमृता सिंह ने की। समारोह में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य उमेश शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह तथा वाराणसी नगर विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी स्कंद गुप्त अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
चिरईगांव ब्लॉक की ओर से उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित शिक्षिकाओं में कंपोजिट विद्यालय सारनाथ की अनिता राय, प्राथमिक विद्यालय बार्थरा कला की पूनम गौतम, कंपोजिट विद्यालय सुल्तानपुर की प्रिया नारायणी, प्राथमिक विद्यालय मठिया जयरामपुर की सरला मौर्य एवं कंपोजिट विद्यालय अंबा की श्वेता सिंह शामिल रहीं। अतिथियों ने सभी शिक्षिकाओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

समारोह में वाराणसी की प्रथम महिला अकाउंटेंट के रूप में पहचान बनाने वाली जमुना शुक्ला, राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित नीलम राय, जिला संगठन मंत्री सरिता पाण्डेय तथा ब्लॉक महिला शिक्षक संघ अध्यक्ष कल्पना तिवारी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में वाराणसी जनपद के नौ विकासखंडों की ब्लॉक एवं जिला इकाइयों के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा सम्मानित होने वाले शिक्षकगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह में चार चांद लगा दिए। बच्चों की प्रतिभा और प्रस्तुतियों की उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षिकाओं ने मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम का संचालन रश्मि त्रिपाठी ने किया।
समारोह में महिला शिक्षक संघ की जिला एवं ब्लॉक इकाइयों के पदाधिकारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में महिला शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके समर्पण और उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने से न केवल उनका उत्साह बढ़ता है, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिलती है। समारोह ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षिकाओं के योगदान और उनके समर्पण को सम्मान देने का सार्थक संदेश दिया।










