वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पूर्व सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकार का संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय के मुख्य भवन प्रांगण में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयोजित कार्यक्रम में तीन दर्जन से अधिक क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने कर-कमलों से क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस से पूर्व आयोजित यह सेवा कार्यक्रम स्वस्थ एवं समर्थ भारत के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने की दिशा में सार्थक पहल है।
कुलपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को मानवता का सर्वोच्च धर्म माना गया है। किसी पीड़ित व्यक्ति के जीवन में पोषण, विश्वास और आत्मीयता का संचार करना महज सहायता नहीं, बल्कि लोकमंगल की सच्ची साधना है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग क्षय रोग के उन्मूलन में अपनी जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय केवल ज्ञान और संस्कार का केंद्र नहीं, बल्कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भारतीय भावना को व्यवहार में उतारने वाला संस्थान भी है। विश्वविद्यालय परिवार को क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने तथा उनके पोषण में सहयोग की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संचालन नोडल अधिकारी प्रो. विधु द्विवेदी ने किया। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य क्षय रोगियों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सहयोग प्रदान करने के साथ ही समाज में टीबी के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस अवसर पर कुलसचिव, कुलानुशासक एवं वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र, डॉ. कंचन मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










