वाराणसी, 24 जुलाई। गौमाता की रक्षा के उद्देश्य से गोरखपुर से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से गुजरने वाली 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा तथा लखनऊ में आयोजित गौ गर्जना महासभा के समापन के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज शुक्रवार को काशी पहुंचे। काशी आगमन पर श्रद्धालुओं, संतों और भक्तों ने पुष्पवर्षा, जयघोष एवं पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया।
भक्तों के आग्रह पर शंकराचार्य महाराज पालकी में सवार होकर हरिश्चंद्र घाट मार्ग से होते हुए श्रीविद्यामठ पहुंचे। यहां मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानंद ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती एवं पूजन कर उनका स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी 24 से 27 जुलाई तक काशी प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान उनके सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 27 जुलाई की सायंकाल संत एवं श्रद्धालु उनके चरण पादुका पूजन, वंदन एवं अभिनंदन का आयोजन करेंगे।

उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को शंकराचार्य महाराज छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे दो माह तक चातुर्मास्य व्रत एवं अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उनका काशी में प्रवास नहीं रहेगा। ऐसे में गुरु पूर्णिमा से पूर्व उनके चरण पादुका पूजन का अवसर मिलने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
इस अवसर पर साध्वी पूर्णांबा दीदी, स्वामी प्रतूक्चैतन्यमुकुंदानंद गिरी, स्वामी निधिरव्यानंद सागर, देवेंद्र पाण्डेय, शैलेन्द्र योगी, सक्षम सिंह सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु एवं भक्त उपस्थित रहे।










