वाराणसी, 17 जून। राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचे।
जनसुनवाई में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया। प्राप्त शिकायतों में भूमि विवाद से जुड़े मामलों की संख्या सर्वाधिक रही। इसके अलावा महिला उत्पीड़न, नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि हड़पने, मकान पर अवैध कब्जे तथा उपचार संबंधी शिकायतें भी सामने आईं।
गीता विश्वकर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक भी सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की जानकारी ली गई।
इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट रवि शंकर सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) नम्रता श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र सहित महिला कल्याण, स्वास्थ्य, पंचायत, श्रम, समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।









