
नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से आरंभ होने जा रहा है और इस बार सत्र की कार्यवाही कई मायनों में खास होने वाली है। सरकार ने संकेत दिया है कि सत्र के शुरुआती दिनों में ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर को संसद में राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है।
संसदीय सूत्रों के अनुसार, दोनों सदनों में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका, और देश की एकता-अखंडता में इसके महत्व पर विस्तृत विमर्श होगा। इसके तहत कई सांसद अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और इसे भारतीय राष्ट्रीय चेतना के प्रेरक स्रोत के रूप में रेखांकित कर सकते हैं।
वहीं, शीतकालीन सत्र के विधायी एजेंडे में भी कई महत्वपूर्ण विधेयक शामिल किए गए हैं। सरकार की ओर से आर्थिक सुधार, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े बिलों पर चर्चा और पारित कराने की रणनीति तैयार की जा रही है। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और कृषि मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सत्र के दौरान कार्यवाही के कई मौकों पर गर्मागर्मी देखे जाने की संभावना जताई जा रही है।
संसद भवन में सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थागत तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर होने वाली चर्चा के चलते उद्घाटन दिवस का वातावरण विशेष रूप से गरिमामय रहेगा।










