वाराणसी। सनातन संस्कृति और हिंदू चेतना के जागरण का सशक्त स्वर रविवार को काशी की पावन धरती पर उस समय गूंजा, जब विवेकानंद योग शाखा, केशव नगर, काशी दक्षिण
के तत्वावधान में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रद्धा, संस्कार, संस्कृति और संगठन के समन्वय से सुसज्जित यह सम्मेलन ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 600 से अधिक
सज्जन शक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी श्री भारत भूषण जी महाराज (महंत, संत रविदास मंदिर) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी श्री जितेंद्रानंद जी (महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजीव गौतम जी (सुदामा फाउंडेशन) एवं मातृशक्ति कंचन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सम्मेलन का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके
पश्चात गार्गी कुटुंब योग शाखा की मातृशक्तियों ने श्रीमती सविता जी के सानिध्य में भावपूर्ण भारत माता की आरती प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
अतिथियों का पारंपरिक रूप से दुपट्टा एवं रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मान किया गया। सांस्कृतिक क्रम में बाल प्रतिभाओं ने सभी का मन मोह लिया। जय जी (4 वर्ष) द्वारा गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ, आध्या जी (6 वर्ष) द्वारा राधा जी के 28 नामों एवं कृष्ण मंत्र का भावपूर्ण उच्चारण तथा परीक्षित जी (8 वर्ष) द्वारा प्रस्तुत मनमोहक तबला वादन को श्रोताओं ने करतल ध्वनि से सराहा। वहीं नवनीता कुंवर विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता स्वामी जितेंद्रानंद जी ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में हिंदुत्व की स्थिति, चुनौतियों एवं दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। इसी क्रम में सभासद प्रतिनिधि श्री गोपाल प्रधान जी ने SIR विषय पर समाज को क्रमबद्ध एवं तथ्यात्मक जानकारी प्रदान की, जिसे श्रोताओं ने गंभीरता से सुना।कार्यक्रम के संगीतमय पक्ष को सशक्त बनाते हुए श्री राहुल पंकज जी एवं उनकी टीम ने कार्यक्रम के प्रारंभ, मध्य एवं समापन अवसर पर भजनों की मधुर प्रस्तुति देकर समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अतिथियों तथा श्री दयाशंकर जी द्वारा कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले बच्चों, अध्यापिकाओं एवं भजन कलाकारों को सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर आदरणीय दयाशंकर मिश्र जी ने सभी अतिथियों, आयोजकों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने चाय एवं प्रसाद ग्रहण किया।यह सम्मेलन काशी में हिंदू चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रयास के रूप में स्मरणीय रहा।










