वाराणसी। हिंदी दिवस के अवसर पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के दर्शन संकाय की ओर से 14 सितम्बर को ‘स्वराज्य, स्वबोध और भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर विशेष व्याख्यान एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन योगसाधना केन्द्र में दोपहर 12 बजे से होगा।
कार्यक्रम में स्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्यालय प्रतिष्ठानम्, गुजरात के अध्यक्ष एवं वेदान्तशास्त्र के विश्वविख्यात आचार्य श्री माधवप्रियदास जी मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारीलाल शर्मा करेंगे।
कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं को महज संप्रेषण का माध्यम न मानकर भारतीय ज्ञान, चिंतन, संस्कृति और आत्मबोध की जीवंत वाहक के रूप में देखने पर विमर्श होगा। साथ ही ‘स्वराज्य’ को आत्मनिर्भरता, ‘स्वबोध’ को अपनी ज्ञान-परम्परा की पहचान और भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय चेतना के सशक्त माध्यम के रूप में रेखांकित किया जाएगा।

इस आयोजन का संयोजन वेदान्त विभागाध्यक्ष प्रो. सुधाकर मिश्र कर रहे हैं, जबकि दर्शन संकायाध्यक्ष प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल निवेदक हैं। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित यह वैचारिक कार्यक्रम हिंदी दिवस को भारतीय भाषाओं, संस्कृत-संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परम्परा के व्यापक बोध से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।










