वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते विकास और उसके संभावित सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि AI का भविष्य केवल तकनीकी प्रगति पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि आज लिए जाने वाले फैसले यह तय करेंगे कि आने वाले समय में इसका इस्तेमाल किस दिशा में होगा और इसका समाज पर क्या असर पड़ेगा।
ओबामा के मुताबिक, AI में चिकित्सा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता है। इसके जरिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाएं हैं। हालांकि, उन्होंने AI से जुड़े जोखिमों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से रोजगार के पारंपरिक स्वरूप में बदलाव आ सकता है और कई क्षेत्रों में नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका है। इसके साथ आर्थिक नुकसान और असमानता जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में AI के विकास के साथ उसके जिम्मेदार और संतुलित उपयोग पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ओबामा की टिप्पणी इस व्यापक बहस के बीच सामने आई है कि तकनीकी विकास से मिलने वाले लाभों को अधिकतम करने के साथ उसके संभावित सामाजिक और आर्थिक जोखिमों को कैसे सीमित किया जाए।










