वाराणसी । सिगरा क्षेत्र के एक फ्लैट में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार के खुलासे और 13 लोगों की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लगातार यह दावा किया जा रहा था कि यह फ्लैट भाजपा नेत्री शालिनी यादव का है। कई पोस्ट और वीडियो में सीधे तौर पर लिखा और बोला गया कि पुलिस ने भाजपा नेत्री शालिनी यादव के फ्लैट से सेक्स रैकेट पकड़ा है। इसी प्रचार को लेकर शालिनी यादव ने अब खुलकर सफाई दी है और सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान को झूठा और भ्रामक बताया है। शालिनी यादव ने स्पष्ट कहा कि जिस फ्लैट को सोशल मीडिया पर उनका बताया जा रहा है, उसकी वे न तो कभी मालकिन रही हैं और न ही सह-मालकिन। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई जिस फ्लैट में हुई, उसे किराए पर दिया गया था और उसका मालिकाना हक उनके पति अरुण यादव के नाम है, जो 1996 से फ्लैट को किराए पर देते रहे हैं। यादव का कहना है कि उनकी किसी भी एफआईआर में न तो नामजदगी है और न ही पुलिस ने किसी रिपोर्ट में उनकी भूमिका का जिक्र किया है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जानबूझकर उनके नाम को घसीटा जा रहा है। पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी का सच नेत्री के अनुसार, पुलिस रिपोर्ट और तथ्य यह बताते हैं कि संबंधित फ्लैट से केवल तीन लड़कियों को थाने ले जाया गया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, बाकी अन्य लोगों की गिरफ्तारी अलग स्थानों पर चलाए गए अभियान से जोड़कर संख्या 13 दिखाई गई और इस पूरी संख्या को उनके कथित फ्लैट से जोड़कर प्रचारित किया गया। भाजपा की प्रदेश इकाई ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि जिन स्पा सेंटरों पर छापेमारी हुई, वे किराए पर लिए गए थे और अब तक की जांच में फ्लैट मालिक अरुण यादव या शालिनी यादव की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। और साजिश का आरोप अपनी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए शालिनी यादव ने कहा कि वह शिक्षित परिवार से हैं और इंजीनियरिंग क्षेत्र में शीर्ष पदों पर रहे पिता की पुत्री हैं, जबकि उनके ससुर पूर्व राज्यसभा सभापति और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक और सामाजिक जीवन अब तक सेवा और स्वच्छ छवि पर आधारित रहा है, ऐसे में इस तरह के आरोप उनकी छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के कुछ नेता, उनके समर्थक और फेक आईडी संचालित ट्रोल लगातार भ्रामक पोस्ट कर रहे हैं, जिनमें तथ्यों की तोड़-मरोड़ कर पेशकश की जा रही है। शालिनी यादव ने बताया कि उनके विधिक सलाहकार टीम स्तर पर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सभी आपत्तिजनक, झूठी और मानहानिकारक पोस्ट तथा खबरों को इकट्ठा कर उनका परीक्षण कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ मानहानि सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दायर किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष, खासकर महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा से खिलवाड़ न किया जा सके। यादव ने जिम्मेदार मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से अपील की कि वे पुलिस रिकॉर्ड और प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन कर भ्रामक प्रचार का खंडन करते हुए वास्तविक स्थिति लोगों तक पहुंचाएं।









