वाराणसी। मैदागिन स्थित आर्य समाज गली, बुलानाला क्षेत्र में कालभैरव की महाकाली के रूप में प्रतिष्ठित प्राचीन सिद्धपीठ मां महादेवी काली मंदिर में शनिवार को देवशयनी एकादशी के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ वार्षिक श्रृंगार महोत्सव एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान मां महादेवी काली का भव्य श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न हुई।
मंदिर के श्रीमहंत अश्वनी पांडे (देव ज्योतिषी) ने बताया कि प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी पर मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया जाता है। इसके उपरांत मां का विभिन्न सुगंधित पुष्पों से अलौकिक श्रृंगार किया जाता है तथा फल, मिष्ठान और अन्य सात्विक व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाता है। रात्रि में विधि-विधान से महाआरती का आयोजन होता है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर काशी सहित आसपास के जिलों और विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।











