वाराणसी। बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को कैम्प कार्यालय में जनपद के सभी थानों की साइबर क्राइम हेल्प डेस्क की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने साइबर अपराधों की प्रकृति, जांच की गति, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और शिकायतों के निस्तारण पर गहन चर्चा करते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराध किसी भी स्तर पर पुलिस की धीमी कार्रवाई का मोहताज नहीं रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर शीघ्र कार्रवाई की जाए। पीड़ितों के आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए शुरुआत के “गोल्डन आवर्स” में प्रतिक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया।उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में प्रयुक्त मोबाइल नंबर, सिम और उपकरणों के IMEI नंबरों को ब्लॉक कराना अपराध की श्रृंखला तोड़ने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इसलिए सभी थानों को ऐसे संदिग्ध नंबरों और उपकरणों को अधिक से अधिक ब्लॉक करवाने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में बिना विलंब अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही आगे बढ़ाने पर भी बल दिया गया। बैठक में पुलिस आयुक्त ने एक नई प्रोत्साहन और जवाबदेही प्रणाली लागू करने की घोषणा की। इसके तहत साइबर हेल्प डेस्क की समीक्षा अब हर सप्ताह की जाएगी, जबकि माह के अंत में निस्तारण और कार्रवाई के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त थानों के कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।वहीं प्रदर्शन में सबसे नीचे रहने वाले तीन थानों के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, ऐसे में पुलिस को त्वरित, तकनीकी रूप से दक्ष और पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना होगा।बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी., एडीसीपी साइबर क्राइम श्रीमती नीतू, एसीपी चेतगंज ईशान सोनी, एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना, एसीपी पिण्डरा प्रतीक कुमार समेत साइबर सेल एवं सभी थानों की साइबर हेल्प डेस्क के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों के बाद वाराणसी पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ अधिक संगठित, जवाबदेह और त्वरित कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।









