वाराणसी। समाजवादी पार्टी के अर्दली बाजार स्थित जिला कार्यालय पर बुधवार को गरीबों, मजलूमों और किसानों के मसीहा, प्रख्यात समाजवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी लोकबंधु राज नारायण की पुण्यतिथि श्रद्धा भाव से मनाई गई। इस अवसर पर उनके जीवन, विचार और संघर्षों को समर्पित एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके समाजवादी दर्शन को आज भी प्रासंगिक बताया।
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकबंधु राज नारायण एक ऐसे जननेता थे, जिन्होंने सदैव आम आदमी के अधिकारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के लिए संघर्ष किया। भारतीय लोकतंत्र और राजनीति को अधिक पारदर्शी व जनोन्मुखी बनाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़’ ने कहा कि राज नारायण जी महान समाजवादी नेता, स्वतंत्रता सेनानी और चिंतक थे। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में उनकी सक्रिय भूमिका रही और उन्होंने देश की राजनीति में समाजवादी विचारधारा को नई दिशा दी। वे साहस, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक थे।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव ‘बबलू’ एडवोकेट ने कहा कि राज नारायण जी भारतीय राजनीति के कबीर और आपातकाल के नायक थे। समानता, सामाजिक न्याय और समावेशिता उनके जीवन के मूल मूल्य रहे, जो आज भी समाज को दिशा और प्रेरणा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. उमाशंकर सिंह यादव, गोपाल पाण्डेय, हीरू यादव, दीप चंद्र गुप्ता, रामकुमार यादव, धर्मवीर पटेल, दुर्गा यादव, काशीनाथ, राजेंद्र प्रसाद यादव, शिव प्रसाद गौतम, अयाज खान, अजय यादव, कमलाकांत प्रजापति, विनोद सिंह, विनोद शुक्ला, सतीश यादव सहित अनेक सपा कार्यकर्ताओं ने लोकबंधु राज नारायण के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।









