वाराणसी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सारनाथ में आयोजित दो दिवसीय कला एवं संस्कृति महोत्सव में चिरईगांव ब्लॉक की शिक्षिकाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समूह नृत्य, एकल नृत्य और समूहगान प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर टीम ने ब्लॉक का गौरव बढ़ाया। महोत्सव में प्रस्तुत ‘सत्यभामा-रुक्मिणी’ नृत्य नाटिका विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों की शिक्षिकाओं ने अल्प समय में तैयार नृत्य नाटिका के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीला का भावपूर्ण मंचन किया। अभिनय, नृत्य और भावाभिव्यक्ति के प्रभावशाली समन्वय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। शिक्षिकाओं की इस प्रस्तुति में कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली।
नृत्य नाटिका की मूल परिकल्पना प्राथमिक विद्यालय सीवों की सहायक अध्यापिका ज्योत्सना अग्रवाल ने की। उन्होंने नारद मुनि की भूमिका निभाते हुए प्रभावशाली अभिनय किया। प्राथमिक विद्यालय चांदपुर की कल्पना तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण, प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर की सीमा श्रीवास्तव ने रुक्मिणी और बीबी फातिमा ने सत्यभामा की भूमिका निभाई। वहीं, कंपोजिट विद्यालय सरसौल की अमृता प्रजापति के अभिनय ने भी दर्शकों को प्रभावित किया।

एकल नृत्य प्रतियोगिता में कंपोजिट विद्यालय सरसौल की शिक्षिका अमृता प्रजापति ने प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी प्रस्तुति को निर्णायकों और दर्शकों की सराहना मिली। समूह नृत्य में भी चिरईगांव ब्लॉक की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही समूहगान प्रतियोगिता में भी ब्लॉक की टीम अव्वल रही। तीन विधाओं में मिली इस सफलता ने शिक्षिकाओं की सांस्कृतिक प्रतिभा, मेहनत और सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया।
महोत्सव में शानदार प्रदर्शन के लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) रश्मि त्रिपाठी और उमेश त्रिपाठी ने पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना किया।










