वाराणसी। भारत विकास परिषद् काशी प्रदेश, प्रांत उत्तर मध्य क्षेत्र-द्वितीय की नीलकंठ शाखा द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण के उद्देश्य से महमूरगंज स्थित ब्रह्मकुमारी शिक्षण संस्थान में पाँच दिवसीय ग्रीष्म कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा की गतिविधि संयोजक (संस्कार) आहुति सिंह ने बच्चों को मंत्र एवं श्लोकों का उच्चारण कराते हुए उनके अर्थ एवं महत्व की जानकारी देकर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संस्कारों का विशेष महत्व है, जो बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर शाखाध्यक्ष रवि प्रकाश बरनवाल ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए प्लास्टिक के उपयोग से बचने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के उच्चारण एवं घी के दीपक प्रज्वलन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे मन को शांति एवं एकाग्रता प्राप्त होती है।

कार्यशाला के दौरान बच्चों को अनुशासन, नैतिक शिक्षा एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में संस्थान की मुख्य शिक्षिका विमला सिंह सहित सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं। अंत में बच्चों के बीच फलों का वितरण किया गया।









