नई दिल्ली। संसद का आगामी शीतकालीन सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सरकार ने दोनों सदनों में विशेष चर्चा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह विषय सत्र के प्रमुख एजेंडा में शामिल है। सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सदन में उपस्थित रहकर अपना संबोधन देंगे, जिसमें वे राष्ट्रगीत के राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता आंदोलन और समाज में जागरण के संदर्भ में इसके महत्व को रेखांकित करेंगे।सरकार इस अवसर पर राष्ट्रीय धरोहरों के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव भी सदन के समक्ष रख सकती है। सत्र के दौरान संसद परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी लगाने की तैयारी है, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक पांडुलिपि, इसके रचनाकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय से जुड़ी जानकारियाँ तथा स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रगीत के उपयोग से संबंधित दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। उधर, विपक्ष ने मांग की है कि चर्चा का दायरा व्यापक रखा जाए ताकि सभी राजनीतिक दल अपने ऐतिहासिक और वैचारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकें। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही यह मुद्दा राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, और अनुमान लगाया जा रहा है कि यह विषय पूरे सत्र का मुख्य आकर्षण रहेगा।









