वाराणसी। ज्योतिर्मठ के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भगवान शिव के आठ स्वरूपों पर आधारित पवित्र ग्रंथ ‘अष्ट भैरव’ का विमोचन किया। यह ग्रंथ छत्तीसगढ़ के सलधा की पावन भूमि पर शंकराचार्य द्वारा भगवान शिव के विभिन्न अवतारों पर दिए गए प्रवचनों का संकलन है।
ग्रंथ का संपादन एवं प्रकाशन शंकराचार्य की पूर्णाभिषिक्त शिष्या साध्वी पूर्णांबा ने किया है। उन्होंने महाराज श्री के प्रवचनों के महत्वपूर्ण अंशों को श्रद्धापूर्वक संकलित कर पुस्तक का स्वरूप दिया है। इसके उप-संपादक डॉ. रंजन शर्मा हैं। ग्रंथ के आवरण संयोजन में मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय एवं विवेक भूषण ने सहयोग किया। इसका प्रकाशन ज्योतिर्मठ प्रकाशन सेवालय द्वारा किया गया है।
विमोचन के उपरांत शंकराचार्य के शिष्य अधिवक्ता पंडित रमेश उपाध्याय ने आठ समर्पित भक्तों के दल के साथ ‘अष्ट भैरव दर्शन यात्रा’ का शुभारंभ किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने काशी के सभी आठ भैरव मंदिरों में विधिवत दर्शन-पूजन किया तथा प्रत्येक मंदिर में नवनिर्मित ‘अष्ट भैरव’ ग्रंथ सप्रेम समर्पित किया।
इस संबंध में जानकारी शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।











