वाराणसी। व्यापार मंडल वाराणसी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से भेंट कर शहर के विकास कार्यों तथा प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की मंशा है कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी व्यक्ति का रोजगार प्रभावित न हो और सभी स्थानीय लोग आत्मनिर्भर बने रहें। इसी उद्देश्य से व्यापारियों ने कई व्यवहारिक प्रस्ताव अधिकारियों के समक्ष रखे। बैठक में गुद्दीरी मार्केट को बहुमंजिला मार्केट के रूप में विकसित करने का सुझाव प्रमुखता से रखा गया। साथ ही, नई सड़क के दाहिने हिस्से में स्थित मार्केट को उचित मुआवजा देकर पुनर्विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने बेनिया बाग क्षेत्र में चारों ओर आधुनिक कमर्शियल मार्केट विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा। दाल मंडी के व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए सुझाव दिया गया कि मौजूदा 17 फीट की जगह को बढ़ाकर 22 फीट किया जाए और अतिरिक्त 5 फीट का उचित मुआवजा प्रदान कर बहुमंजिला व्यापारिक परिसर का निर्माण कराया जाए। इससे क्षेत्र के सभी व्यापारियों को सुरक्षित और स्थायी व्यापारिक स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा जयनारायण कॉलेज, नेशनल कॉलेज तथा पीली कोठी के आसपास उपलब्ध संभावित स्थलों पर भी पुनर्विकास योजनाओं के विकल्प तलाशने की बात कही गई। व्यापारियों ने कहा कि शासन-प्रशासन और व्यापारी वर्ग के बीच बेहतर समन्वय से ही विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकते हैं और किसी भी पक्ष को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि विकास कार्यों से प्रभावित सभी व्यापारियों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका व्यवसाय निर्बाध रूप से चलता रहे। बैठक में प्रदीप जी, मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, कविन्दर जायसवाल, मनीष गुप्ता, संजय निरंकारी, शाहिद कुरैशी, आसिफ, हुमा बानो, खुर्शीदा बानो, प्रिंस, कृष्णा जी, नीरज सिंह, संतोष सिंह, गुंजन बग्गा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।









