वाराणसी, 31 दिसंबर 2025। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित कुल 9 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से चलाए जा रहे संगठित ठगी के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। यह गिरोह नकली शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनके डीमैट खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी कर रहा था। यह सफलता उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत मिली है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निर्देश पर जनपद में साइबर अपराध की रोकथाम और जन-जागरूकता को लेकर लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य देश की नामी-गिरामी कंपनियों के नाम का दुरुपयोग कर META (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से वे लोगों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करते और फिर खुद को अनुभवी “ट्रेडिंग एक्सपर्ट” बताकर फोन कॉल के जरिए संपर्क साधते थे।लाभ और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर पीड़ितों से उनके डीमैट अकाउंट की लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिए जाते थे। इसके बाद ब्रोकरेज कमीशन के नाम पर खातों में बड़े पैमाने पर फर्जी खरीद–बिक्री कराई जाती, जिससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। जब खातों पर पूरी पकड़ बन जाती, तो उनमें जमा धनराशि को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना भी शामिल है। अधिकांश आरोपी 23 से 25 वर्ष की आयु के हैं और अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरोह के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज और नकदी बरामद की है। बरामद सामान में शामिल हैं—20 मोबाइल फोन (05 आईओएस, 14 एंड्रॉयड, 01 कीपैड),07 सिम कार्ड,30 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड (06), वोटर आईडी (03), पैन कार्ड (04),ड्राइविंग लाइसेंस (03), आयुष्मान कार्ड (01),बैंक चेकबुक (09), पासबुक (01),03 लैपटॉप,02 महिंद्रा थार वाहन (अनुमानित मूल्य लगभग 40 लाख रुपये),24 ग्राम पीली धातु (अनुमानित मूल्य 3.5 लाख रुपये)और 4,88,920 नकद बरामद हुआ। थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट वाराणसी में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 61(2), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस सफल कार्रवाई का श्रेय डीसीपी अपराध सरवणन टी., एपीपी साइबर क्राइम सुश्री नीतू कात्यान, सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना के नेतृत्व वाली टीम को दिया गया है। टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम गोपाल जी कुशवाहा सहित निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक निवेश विज्ञापनों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक के झांसे में न आएं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।









