वाराणसी। बहुप्रतीक्षित वाराणसी रोपवे परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने को लेकर मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम ने शुक्रवार को परियोजना के विभिन्न स्टेशनों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। कैंट से गोदौलिया तक 3.85 किलोमीटर लंबे रोपवे की कुल भौतिक प्रगति 94.35 प्रतिशत पहुंचने के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण कार्यों की धीमी गति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
कैंट स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कंसेशनायर के कार्यों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी प्रमुख फिनिशिंग कार्य 25 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही एफओबी और शिखर से जुड़े कार्यों में तेजी लाने, एस्केलेटर, लिफ्ट एवं रेलिंग की सफाई कराने तथा बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) की स्थापना को प्राथमिकता देने को कहा।
विद्यापीठ स्टेशन पर मंडलायुक्त ने स्टॉर्म वाटर इंटरकनेक्शन का कार्य 15 सितंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम), टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) की टेस्टिंग तथा पेवर्स का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा।

रथयात्रा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने जलकल विभाग से समन्वय स्थापित कर सीवर एवं वाटर लाइन इंटरकनेक्शन का कार्य भी 15 सितंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर लाइटिंग और फसाड से संबंधित कार्यों को जल्द पूरा करने को कहा। गोदौलिया स्टेशन पर डी-बोर्डिंग और बोर्डिंग साइड के शेष कार्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता किए बिना निर्धारित समयसीमा में पूर्णता सुनिश्चित की जाए, ताकि रोपवे का संचालन समय पर शुरू कराया जा सके।
गौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के पूरा होने के बाद यह करीब 16 घंटे प्रतिदिन संचालित होगी। रोपवे की क्षमता 3000 पीपीएचपीडी (प्रति घंटा प्रति दिशा यात्री) होगी और इसके माध्यम से कैंट से गोदौलिया तक का सफर महज 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। परियोजना के संचालन से शहर में आवागमन को सुगम बनाने के साथ ही प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान एनएचएलएमएल की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा तथा कंसेशनायर के परियोजना निदेशक एस. सुब्बा राव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।










