वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक, भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सांस्कृतिक आयाम राष्ट्रीय कला मंच द्वारा अस्सी घाट स्थित ऐतिहासिक रेवा कोठी में ‘एक संगीतमय श्रद्धांजलि’ कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संगीत और कला के माध्यम से महामना मालवीय जी के राष्ट्र, शिक्षा एवं संस्कृति के प्रति अतुलनीय योगदान को स्मरण करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ बीएचयू के कुलगीत की सामूहिक प्रस्तुति से हुआ, जिसने वातावरण को भावनात्मक गरिमा से भर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस.एन. शंखवार (निदेशक, आई.एम.एस., बीएचयू) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. राजेश शाह (विभागाध्यक्ष, वाद्य संगीत विभाग, मंच कला संकाय, बीएचयू) तथा श्री अंकित शुक्ला (अखिल भारतीय प्रभारी, राष्ट्रीय कला मंच) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संगीतमय संध्या में युवा कलाकारों ने शास्त्रीय, उपशास्त्रीय एवं नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से महामना को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गायन में उदयन झा एवं सारंग कुमार की शास्त्रीय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बेला/वायलिन पर कुमार अर्जुन एवं बांसुरी पर महेश सरस्वती की जुगलबंदी ने सुरों का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। ग़ज़ल गायन में राघवेंद्र शर्मा की मखमली आवाज़ ने

श्रोताओं को भाव-विभोर किया, वहीं कथक नृत्य में अमरेश कुमार के सधे हुए पद संचालन और अभिव्यक्ति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की जीवंत झलक पेश की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ हुआ, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के स्वर से गूंज उठा। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक एवं सह-संयोजक (संगीत) सतीश त्रिपाठी तथा ‘मानस पुत्र’ के रूप में विख्यात हर्षित मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। वक्ताओं ने महामना मालवीय जी के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से कला के माध्यम से राष्ट्र सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बीएचयू के छात्र-छात्राओं, संगीत प्रेमियों एवं नगर के प्रबुद्धजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।











