जमानियां। देश की मिट्टी की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले 1971 भारत–पाक युद्ध के वीर योद्धा, तियरी गांव निवासी शहीद रामध्यान सिंह का
शहादत दिवस गुरुवार को उनके पैतृक गांव में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल धीरेन्द्र नाथ राय, विशिष्ट अतिथि कैप्टन सुब्बा यादव तथा सूबेदार मेजर जे.के. सिंह ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। शहीद के पुत्र सुदामा सिंह ने कार्यक्रम
का संयोजन करते हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। बताया जाता है कि तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किमी पूर्व स्थित तियरी गांव देश की रक्षा में अमर बलिदान देने वाले इस वीर सपूत की भूमि है। वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के हल्दी शहर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए रामध्यान सिंह ने वीरगति प्राप्त
की थी। गांव के लिए गर्व की बात है कि उनकी वीरता और बलिदान को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने शहीद के सम्मान में ढाई लाख रुपये की लागत से “शहीद द्वार” निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। इसका प्रस्ताव पास होने के बाद ग्रामीणों में उत्साह और गौरव की भावना और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शहीद रामध्यान सिंह ने अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। उनका बलिदान भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। अंत में सभी उपस्थित गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने मौन रखकर शहीद को नमन किया और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए संकल्प दोहराया।









